Saturday, March 12, 2011

असली अपराधी कौन शातिर बदमाश विनय की हत्या का

हरदोई शाहाबाद (उप)
शाहाबाद मो० पाठकना निबासी २० सेप्टेम्बर  दिन सोमबार को बिनय कुमार मिश्रा को गोली लगने से  मौत हो गई . इसे हत्या मानते हुए पुलिस  ने विनय के दो दोस्त को चौक  निवासी विशाल रस्तोगी  और  धीरू वाजपई को हिरासत में ले कर जेल भेज  दिया.
    इससे  पहले लगभग दो वर्ष पूर्व विनय  के बड़े  भाई संजय उर्फ़ मुतरंजन  को भी मझिला (हरदोई) पुलिस ने आलमनगर गाँव  में एक मुठभेड़  के जरिये बेरहमी से मार दिया गया  था .
    विनय चार भाई था  सबसे बड़ा संजय  था .दुसरे नंबर का विनय कुमार  जिनकी हत्या कर दी गयी .अब चार भाइयो  में  दो भाई हैं .प्राप्त जानकारी के आधार पर मुतरंजन  की हत्या  के बाद विनय की निगाहें  उनपर थी  जो की उनके भाई मुतरंजन की हत्या की थी लेकिन विनय के दोस्त धीरू बाजपाई  और विशाल रस्तोगी  के जरिये भेदने में  सफलता प्राप्त की  प्राप्त जानकारी के आधार पर विनय की हत्या के दिन  जिला मुख्यालय  पर बांछित  मुकदमो के सिलसिले में  अदालत में आत्म समर्पण करने वाला था विनय के वकील आलोक श्रीवास्तब के माध्यम से समर्पण की प्रक्रिया  भी  पूरी कर ली थी 
     चर्चाओं और चास्म्दिदों के आधार पर विशाल और धीरू विनय को लेकर चौक स्थित मकान में आये और तीनो में मौज मस्ती हुई और खाना पीना हुआ कहा जाता हे धीरू ने पुलिस  को अपने घर होने की खबर दी तभी पुलिस वहां पहुची और कहा जाता हे की मकान को घेर लिया जाता हे आननफानन में  कुछ देर फयरिंग भी हुई  जब पुलिस मकान के अन्दर पहुंची तो उसे विनय की लाश मिली उसके सर के पीछे गोली लगी थी .विनय के पास से एक तमंचा भी मिला पुलिस ने पहले इसे आत्मा हत्या के मामला बनाने की कोशिश  की  लेकिन बढते आक्रोश के कारण  व् परिस्थितियों के चलते  विनय की हत्या का अपराधी विशाल और धीरू बाजपाई को हिरासत में ले लिया दोनों के विरुद्ध हत्या के मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया  
सूत्र से प्राप्त जानकारी के आधार पर इसे साजिश के तहत हत्या का  मामला माना जा रहा हे विशाल और धीरू के बदहा वासी भरे शब्दों के अनुसार मुतरंजन की हत्या की साजिश से जोड़ कर देखा जा रहा हे 
जानकारी के अनुसार धीरू ने जब पुलिस को सूचित किया और पुलिस बल रबाना हुआ उसके कुछ चंद मिनटों बाद ही हरदोई की मिडिया से नगर में पुलिस से बदमाशों  की  मुठभेड़ होने की स्तिति की जानकारी शाहाबाद की मीडिया से जनि गई शाहाबाद के निवासियों का कहना हे बदमाश ओ मार गिराने का काम पुलिश ने अपने खाते में इंट्री दर्ज क्यों नहीं की आखिर असली अपराधी कौन 
  या फिर विनय ने आत्मा हत्या की या की पुलिस की मुठभेर में मारा गया या धीरू और विशाल ने ही मार डाला 
   शाहाबाद समाचार के अनुसार धीरू बाजपाई चिल्ला चिल्ला कर कह रहा था की बब्बू ने पहले मुतरंजन को मरवा दिया अब विनय जो विधायक बब्बू का दुसमन बना हुआ था वहीँ विधायक बब्बू ने विनय को भी ठिकाने लगा दिया धीरू तो पुलिस के हिरासत में यही बकता रहा और बब्बू से बात करने की गुहार लगाता  रहा .सच क्या हे यह तो विशाल और धीरू बता सकते हें जानकारी के अनुसार मुतरंजन की हत्या के बाद ही अपनी सुरक्षा के प्रति बब्बू ने विनय व् दो अन्य ब्यक्तियों से अपने को खतरा बताते हुए अपनी सुरक्षा ब्यबस्था चौकस कर ली थी 
लेकिन यहीं पर शाहाबाद की जनता में एक सबाल उठता हे कि
 विनय कुमार मिश्रा का असली अपराधी कौन ...............

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