अहमदनगर के भिगर कस्बे मे हुआ अन्ना हजारे का असली
नाम डॉ किसन बाबूराव हजारे है अन्ना का बचपन बहुत ही
गरीबी हुआ अन्ना हजारे के पिता मजदूरी करते थे और
अन्ना हजारे के बाबा फौजी थे अन्ना ६ भाई थे अन्ना का
परिवार बहुत गरीब था अन्ना हजारे परिवार मे गरीबी और
खाने पीने तगी देख कर अन्ना की बुआ अन्ना को मुंबई ले
गई और वह अन्ना ने सातवी तक पढ़ाई की और अन्ना
हजारे अपनी बुआ के परिवार मे बोझ देखकर वह फूल की
दुकान पर काम करने लगे जहा उन्हें ४० रुपया मजदूरी
मिलती थी और उस के बाद अन्ना हजारे ने फूल की दुकान
खोल ली और अपने पास दो भाई को बुला लिया अन्ना हजारे
इसाफ़ की लड़ाई लड़ने से पहले सीमा पर देश के दुश्मनों से
मुकवला कर चुक है सन १९६२ मे चीन लड़ाई के बाद भारत
की युवाओं की सेना मे भाति हुए लोग अन्ना हजारे को
गांधी भी कहते है और अन्ना हजारे ने १९७० मे उन्होंने
आजीवन अविवाहित रहने का सकल्प किया अन्ना हजारे की
जन्मू पोस्टिंग के दौरान १५ साल मे पूरे होने पर १९७५ मे
उन्होंने वी आर एस ले लिया और अन्ना हजारे अपने गाव मे
आकर डट गये और अन्ना हजारे ने अपने गाव की तस्वीर
बदल दी और हजारे ने अपनी जमीन बच्चो के हास्टल के
लिए दान मे दे दी . अन्ना हजारे का आज भी पेशन का पैसा
उनके गाव के विकास के लिए खर्च होता है वह अपने देश के
लिए राम है और वह अपनी सेना के साथ मुहीम पर निकल
चुके है . अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे है
अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के विरोध और जन लोकपाल बिल के लिए
अपने हजारो सहयोगियों के दिल्ली के जन्तर मंतरपर अन्य त्याग
मुहिम पर बेठ गये है अन्ना हजारे चाहते है की देश मे जो भ्रष्टाचार
हो रहा है
उस सरकार जन लोकपाल बिल तुरत लाये और लोकपाल की
सिफरिशे आनिवार्य तोर पर लागू हो और लोकपाल को जजों सासदो
.विधायक आदि पर भी मुकदमा चलाने का आधिकार हो अन्ना
हजारे अपनी मुहिम पर दते हुए है //////////////////////////////////
अन्ना हजारे सघर्ष करो : देश तुम्हारे साथ है
भारत मे भ्रष्टाचार का अन्त करो

Anna Hazaare ke baare men jaankari achhi lagi.
ReplyDeleteअन्ना हजारे के बारे में जानकारी के लिए धन्यवाद |
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