Saturday, March 31, 2012

हार्दिक शुभकामनाएं श्री रामनवमी

                हार्दिक शुभकामनाएं श्री रामनवमी


माँ दुर्गा  नौ दिन की अटूट तपस्या,अराधना,त्याग और व्रत उपवास के बाद जब आप सभी का मन निर्मल, पाप मुक्त और विकार मुक्त हो गया होगा. तब मर्यादा पुरुषोत्तम राम जी का संदेश "जियो और जीने दो" के सिद्धांतवादी,भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने वाले मर्यादित पुरुषोत्तम राम के जन्मदिन उत्सव के इस त्यौहार रामनवमी पर आप सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.जरा हम आज सोचे! जरा हम समझें और जरा हम आत्मचिंतन करें. अपने पिता के एक वचन के लिए जिसने सौतेली माँ का सम्मान करते हुए अपनी जिंदगी गुज़री हो. जिसके पास असीम शक्ति हो और उसने समुंदर को अपने तीर से सुखाने के स्थान पर उस जगह पुल बनाया हो. जिसने पाप मुक्त समाज दिया हो. बुराई पर विजय प्राप्त की हो. क्या हम ऐसे मर्यादित पुरुषोत्तम राम को पूजनीय और वन्दनीय मानते हैं? हम दिल पर हाथ रखकर देखे उनकी कौन-सी ऐसी शिक्षा है, जिसका हम पालन कर रहे हैं? क्या हम मर्यादित हैं? क्या हमें इन हालातों में जब मुंह में राम बगल में छुरी है, तब हमें खुद को राम का भक्त कहा जाना चाहिए? आखिर हमारे कर्म रावण की तरह और पूजा राम की.क्या इन हालातों में हमे सच्चा रामभक्त बनने के लिए भूख,गरीबी,बुराई,भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग नहीं लड़नी  चाहिए? बुराई को नहीं बल्कि अच्छाई को उजागर नहीं करना चाहिए.अगर हाँ,तब उठो दोस्तों भगवान राम के दिखावटी भक्त बनकर मन में जो रावण बैठा है. उसका वध कर दो और देश को  भ्रष्टाचार मुक्त रामराज्य स्थापित करने का संकल्प लेकर तैयार हो जाओ. जिससे मेरा भारत देश मर्यादा पुरुषोत्तम राम का यह देश गर्व से कह सके कि- मेरा भारत महान है और मेरा भारत महान रहेगा.एक बार फिर से रामनवमी की सभी भक्तजनों को हार्दिक शुभकामनाएं. 


रामनवमी पर विशेष 

एक बार महर्षि विश्वामित्र अयोध्या के राजा दशरथ से मिलने आये। राजा ने उनकी पूजा-अर्चना की और कहा - हे महर्षि अपना मनोरथ बताएँ, मैं अवश्य पूरा करूंगा। राजा दशरथ की बात सुनकर महर्षि अत्यंत आनंदित हो गए और यज्ञ की रक्षा के लिए श्री राम को मांगा। यह सुनते ही राजा दशरथ चेतनाशून्य हो गये और कहा - हे महर्षि आप सब कुछ मांग लें। मेरी चतुरंगिणी सेना जायेगी। मैं स्वयं चलकर आपके यज्ञ की रक्षा करूंगा। परन्तु मेरा राम जो बालक है,राक्षसों से कैसे युध्द करेगा, कहा - यह उचित नहीं है। राम को छोड़कर आप सब कुछ मांग सकते हैं। अर्थात् महर्षि की मांग पर अन्य तीनों पुत्रों को भी दे सकते थे।
सब सुत मोहिं प्राण की नाईं
राम देत नहिं बनई गोसांई
राम को क्यों नहीं देना चाहते थे दशरथ? इसके कई कारण थे – पूर्व जन्म में मनु और शतरूपा के रूप में उन्होंने घोर तपस्या की थी। बुढ़ापे के शरीर को तपस्या की अग्नि में तपाया था। अंत में भगवान विष्णु प्रकट हुए तो उनसे उन्हीं के समान पुत्र की मांग की। भगवान विष्णु ने कहा कि मेरे समान दूसरा कौन होगा - अत: मैं ही आपके पुत्र के रूप में आऊँगा, जब आप राजा दशरथ के रूप में त्रेता युग में अयोध्या के राजा होंगे। जो चीजें कठिनाई से प्राप्त होती हैं, उसे व्यक्ति खोना नहीं चाहता है। शेष तीनों पुत्रों के लिए उन्होंने कोई पृथक से तपस्या नहीं की थी। जन्म के समय वे कृपाला ओर दीनदयाला थे। पूत के पांव पालने में दिखने लगे थे।
श्री दशरथ जानते थे कि श्री राम के अधीन ही उनका जीवन है। वे उनके बिना रह नहीं सकते थे। उन्हें स्वयं के जीवन की भी चिंता थी।
श्री राम में अन्य पुत्रों की तुलना में श्रेष्ठ गुण थे। वे विष्णु के अवतार थे। वे अति रूपवान, और अमित प्रीतिवर्ध्दक थे। वे किसी के दोष को नहीं देखते थे। अपराधियों के अपराधों को भी टाल देते थे। भाइयों के साथ खेलते समय स्वयं हार कर उन्हें जिताते हुए प्रोत्साहित करते थे।
श्री राम काम के घोड़े की सवारी करते थे। काम की लगाम उनके हाथ में रहती थी। अर्थात् इच्छाओं पर उनका नियंत्रण था। अपनी वंश परम्परा के अनुसार आचरण करते थे तथा क्षात्र धर्म का पालन पूर्ण निष्ठा के साथ करते थे। शास्त्रों के विरूध्द सुनना पसंद नहीं करते थे और न्यायप्रिय थे।
श्री राम समस्त विद्याओं के ज्ञाता थे। एक बार उन्हें बृहस्पति के यहाँ भी अध्ययन के लिए भेजा गया था –
गुरु गृह पढ़न गये रघुराई
अल्पकाल विद्या सब पाई,
‘अल्पकाल विद्या सब पाई’ का तात्पर्य है कि बृहस्पति के यहाँ ही अल्पकाल में सभी प्रकार की विद्यायें मिल सकती थीं।
वे सभी वेदों के ज्ञाता और धनुर्विद्या में संसार में श्रेष्ठ थे। गीता में भी श्री कृष्ण ने कहा – मैं धनुर्धरों में राम हूँ।
वे राजनीति एवं कूटनीति के मर्मज्ञ थे। राजा में जो गुण होने चाहिए, वे उनमें सहज थे। उन्हें भलीभाँति ज्ञान था कि कब किसका संगृहण और कब त्याग करना चाहिए।
श्री राम कृतज्ञ थे। संगीत, वाद्य, शिल्पकारी, चित्रकारी में भी दक्ष थे। उनमें अपार संगठन क्षमता थी। वे सैन्य संचालन में निपुण थे। उन्होंने रावण जैसे वीर और पराक्रमी राजा को अपनी कुशल संगठन क्षमता और सैन्य संचालन के बल पर परास्त किया था। अपने कुल के परंपरागत शत्रु को उन्होंने समाप्त किया परन्तु अयोध्या की सेना का एक जवान नहीं मरा तथा अयोध्या के खजाने से एक पैसा खर्च नहीं हुआ। वन में रहकर ही उन्होंने सैन्य संगठन एवं धन संग्रह कर यह महान कार्य किया। विश्व में ऐसा एक भी उदाहरण नहीं है।
श्री राम शूरता, वीरता पराक्रम, प्रजा का पालर्नकत्ता, सत्यवादी, महान धनुर्धर, वृध्द पुरुषों का सेवक, और जितेन्द्रीय थे। सुंदरता के वर्णन में तो गोस्वामी जी ने कहा –
नव कंज लोचन, कंज मुख, कर कंज,
पद  कंजारुणम्।
दशरथ के मना करने पर विश्वामित्र अत्यंत क्रोधित हो गये, क्योंकि उनका उद्देश्य केवल अपने यज्ञ की रक्षा कराना नहीं था। वे दूरदर्शी थे और चाहते थे कि अयोध्या और मिथिला दो राज शक्तियों को एकता के सूत्र में पिरो दिया जाये। ये दोनों शक्तियां मिलकर रावण के आतंक का दमन कर सकती थीं। उन्होंने कहा कि हे राजन, आप राम की चिंता न करें। मैं उसके साथ हूँ। महर्षि ने केवल राम को मांगा था परन्तु दशरथ जी ने लक्ष्मण जी को भी उनके साथ लगा दिया। पहली बार पिता के आदेश से लक्ष्मण जी श्री राम के साथ गये और दूसरी बार माता के आदेश पर। माता सुमित्रा ने वनगमन के समय यही कहा था
पुत्रवती युवती जग सोई
रघुवर भक्त जासु सुत होई।
श्री दशरथ और माता सुमित्रा जानते थे कि लक्ष्मण के बिना राम व्याकुल हो उठेंगे। अत: उन्हें अकेले वन नहीं जाने दिया।
महर्षि विश्वामित्र ने अयोध्या से डेढ़ योजन की दूरी पर जाकर सरयू नदी के जल से श्री राम का आचमन कराया और बला तथा अतिबला नाम की दो विद्यायें प्रदान कीं। दूसरे दिन सरयू और गंगा के संगम पर रात्रि व्यतीत की और तीसरे दिन मलद और करूष नगरों को दिखाया। इन नगरों को सुन्दपानी तथा ताड़का ने नष्ट कर दिया था। श्री राम ने एक ही बाण में ताड़का का वध कर दिया। वहाँ इन्द्र उपस्थित हुए और महर्षि से आग्रह किया कि वे अपने अस्त्र-शत्र श्री राम को प्रदान करें। विश्वामित्र सिद्याश्रम आ गये। वहीं पर दोनों भाइयों ने लगातार छै दिनों तक उनके यज्ञ की रक्षा की। श्री राम ने मारीच  और सुवाहु पर शीतेषु नामक मानवास्त्र का प्रयोग किया जिससे वह 100 योजन दूर जा गिरा। उसके बाद आग्नेय शस्त्र से सुबाहु का तथा वायशास्त्र से संपूर्ण सेना का वध किया। यज्ञ समाप्त हुआ तो दोनों भाइयों ने महर्षि से और सेवा की याचना की। महर्षि ने कहा मिथिला चलो जहाँ धनुष यज्ञ होना है। उसे देखने के बाद लौटेंगे। और, अयोध्या तथा मिथिला को एक करने के उद्देश्य की पूर्ति की दिशा में वे आगे चल पड़े। धनुषभंग के उपरांत विवाह होता है और भगवान परशुराम से भिडंत होती है और उनके साथ वार्तालाप में भी श्री राम शील और मर्यादा का परिचय देते हैं। वे उन्हें ‘नाथ’ और अपने को ‘दास’ कहते हैं। श्री राम ने धनुष पर प्रत्यंचा तो बाद में चढ़ाकर अपने शौर्य का परिचय दिया। उन्होंने अपने शब्दों और आचरण से उन्हें (परशुराम को) पहले ही पराजित कर दिया था।
अयोध्या लौटने पर कुछ वर्षों के उपरांत श्री राम के राज्याभिषेक की तैयारी होती है और कालचक्र के अनुसार उन्हें वन जाने का आदेश मिलता है और वे सहज भाव से सबों को प्रणाम कर चल देते हैं - तजि बाप को राज बटाऊ की नाई।
श्री राम मर्यादा पुरूषोत्तम थे। उन्होंने सदैव मर्यादा की रक्षा की। वनगमन के समाचार मिलने पर भी उनके चेहरे पर विषाद की रेखा नहीं उभरती हैे। जो व्यक्ति अयोध्या जैसे राज्य के राज्याभिषेक के लिये आमंत्रित किया गया हो तथा ‘राजमकुट’ के समीप पहुँचने पर यह आदेश मिले कि उसे ‘राज निकाला’ की सजा मिली है, उसकी क्या मनोदशा होगी। विचारणीय है।  जाबालि ऋषि ने श्री दशरथ के निर्णय का विरोध किया था। लेकिन श्री राम हर्ष के साथ वन के लिये प्रस्थान करते हैं।



Wednesday, March 28, 2012

खतरे में है देश की सुरक्षा: सेना प्रमुख






नई दिल्ली : सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक गोपनीय चिट्ठी लिखकर देश की सुरक्षा को खतरे में बताया है। पत्र में सेना प्रमुख की तरफ से कहा गया है कि सेना के टैंक का गोला-बारूद खत्म हो चुका है। हवाई सुरक्षा के उपकरण अपनी ताकत खो चुके हैं। इतना ही नहीं पैदल सेना के पास भी हथियारों की कमी है।

31 मई को रिटायर होने जा रहे सेना प्रमुख जनरल सिंह उम्र विवाद के बाद 14 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश मामले से विवादों में हैं। जनरल सिंह ने सेना की बदतर हालत के बारे में 16 दिन पहले 12 मार्च को प्रधानमंत्री को पांच पन्ने की चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी मंगलवार को सामने आई है। सिंह ने पत्र में लिखा, ‘हमारे सभी प्रयासों और रक्षा मंत्रालय के निर्देशों के बावजूद तैयारियां नहीं दिख रही है। मैं यह सूचित करने को विवश हूं कि सेना की मौजूदा हालत संतोषजनक से कोसों दूर है। देश के प्रमुख हथियारों की हालत भयावह है। इनमें मैकेनाइज्ड फोर्सेस, तोपखाने, हवाई सुरक्षा, पैदल सेना और विशेष फोर्सेस के साथ ही इंजीनियर्स और सिग्नल्स शामिल हैं।’

चिट्ठी में और भी कुछ मुद्दों को उठाया गया है, मसलन आईटीबीपी के संचालन का अधिकार सेना को चाहिए। सेना में हवाई बेड़े की जरूरतों को पूरा किया जाए। जनरल सिंह के खत के मुताबिक सेना के पास हथियार और साज-ओ-सामान समेत कई चीजों की कमी है।
                                                                  (ज़ी न्यूज ब्यूरो)

Friday, March 23, 2012

चैत्र नवरात्र की शुरुआत



चैत्र नवरात्र की शुरुआत शुक्रवार से होगी। इसके साथ ही मां शक्ति की आराधना का दौर शुरू हो जाएगा। घर-घर में घट स्थापना के साथ ही मां अंबे की विशेष भक्ति और आराधना शुरू होगी।

घरों एवं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के दौर शुरू हो जाएगा। नवरात्रि की तैयारियों में गुरुवार को भक्तजनों ने पूरा किया। शहर के विभिन्न मंदिरों में रंग-रोगन और सजावट का कार्य पूरा हुआ।

चैत्र नवरात्र के अवसर पर घरों में सुबह घट स्थापना के बाद नवरात्र पूजन शुरू होगा।मां अंबे का आह्वान कर ज्योत प्रज्ज्वलित होगी। ज्वारे बोए जाएंगे। इसके साथ ही भक्तजन 9 दिनों के लिए मां भगवती की आराधना शुरू करेंगे। इस अवसर पर नवरात्र में कई भक्त व्रत भी रखेंगे।

बोराज स्थित प्राचीन चामुंडा माता मंदिर, नौसर घाटी स्थित नौसर माता मंदिर शास्त्री नगर स्थित मेहंदी खोला माताजी मंदिर, रामगंज स्थित काली माता मंदिर, फॉयसागर रोड स्थित काली माता मंदिर, बजरंगगढ़ चौराहे स्थित अंबे माता मंदिर समेत शहर के प्रमुख माता मंदिरों पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगेगी और भक्तजन माता मंदिरों में दर्शनों के लिए पहुंचेंगे।

मंदिरों में भक्तों की आवक को देखते हुए विशेष तैयारियां की गई है। मां अंबे को भक्तजन चुनरी, प्रसाद, नारियल और सुहाग सामग्री भेंट कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। इस बार पंचमी की तिथि दो दिन तक होने के कारण नवरात्रि 9 के बजाए 10 दिन चलेंगे।
नवरात्रि के दरम्यान भक्तजन दुर्गा सप्तशती के पाठ, व्रत और नियम के साथ अनुष्ठान करेंगे। अष्टमी एवं नवमी के दिन कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन भी करवाया जाएगा।

घट स्थापना

नवरात्रि प्रारंभ के लिए घट स्थापना का समय सुबह 8.15 से लेकर सुबह 11 बजे तक का रहेगा। इस दरम्यान लाभ और अमृत का चौघड़िया रहेगा। पंडित रामनिवास गिरधर गोपाल दाधीच ने बताया कि सुबह 11.30 से 12.30 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में भी नवरात्रि के अनुष्ठान का शुभारंभ किया जा सकेगा। दोपहर 1.30 से 3 बजे तक शुभ के चौघड़िए में भी घट स्थापना की जा सकेगी।
10 दिन चलेंगे नवरात्र

इस बार पंचमी की तिथि दो दिन तक होने के कारण नवरात्र 9 के बजाए 10 दिन चलेंगे। नवरात्र के दौरान भक्तजन दुर्गा सप्तशती के पाठ, व्रत और नियम के साथ अनुष्ठान करेंगे। अष्टमी एवं नवमी के दिन कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन भी करवाया जाएगा।

Friday, March 16, 2012

सचिन का शतक पर शतक




मीरपुर। सचिन  तेंदुलकर (114) का बहुप्रतीक्षित महाशतक तो पूरा हो गया, लेकिन पांच बार के चैंपियन भारत को एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में आज यहां मेजबान बांग्लादेश के हाथों बेहद रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा 
भारत ने सचिन के महाशतक और विराट कोहली (66) तथा सुरेश रैना (51) के अर्धशतकों से पांच विकेट पर 289 रन का मजबूत स्कोर बनाया, लेकिन बांग्लादेश ने जांबाज प्रदर्शन करते हुए 49.2 ओवर में पांच विकेट खोकर 293 रन बनाते हुए जीत हासिल कर ली। सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल ने 70, नासिर हुसैन ने 54, जहुरूल इस्लाम ने 53, शाकिब अल हसन ने 49 और मुशफिकुर रहीम ने नाबाद 46 रन बनाए।
बांग्लादेश को अंतिम तीन ओवर में जीत के लिए 33 रन की जरूरत थी। शाकिब ने पारी के 48वें ओवर में इरफान पठान की गेंदों पर लगातार दो छक्के मारे और फिर अगले ओवर में प्रवीण की पहली गेंद पर चौका और दूसरी गेंद पर छक्का मारकर मेजबान टीम की जीत के करीब पहुंचा दिया। अशोक डिंडा की गेंद पर महमूदुल्ला ने जैसे ही विजयी चौका मारा खचाखच भरे शेरे बंगला नेशनल स्टेडियम में जश्न का दौर शुरू हो गया।
भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए अब पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को होने वाला मैच हर हाल में जीतना होगा। बांग्लादेश ने भी इस जीत के साथ फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बनाए रखा है। उसे अपना अंतिम लीग मैच श्रीलंका के साथ खेलना है। पाकिस्तान पहले ही फाइनल में जगह बना चुका है।
जीत के लिए 290 रन के लक्ष्य करने उतरी मेजबान टीम की शुरूआत हालांकि अच्छी नहीं रही और नजीमुद्दीन पांच रन बनाकर प्रवीण की गेंद पर रोहित शर्मा के हाथों लपके गए, लेकिन नजीमुद्दीन को छोड़कर बांग्लादेश के हर बल्लेबाज ने उपयोगी पारियां खेलते हुए अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी। तमीम और जहुरूल ने संयम के साथ खेलते हुए दूसरे विकेट के लिए 113 रन जोड़े। जहुरूल 68 गेंदों में चार चौकों और एक छक्के की मदद से 53 रन बनाकर आउट हुए।तमीम ने 99 गेंदों में छह चौकों की मदद से सर्वाधिक 70 रन बनाए। उन्हें प्रवीण की गेंद पर रवीन्द्र जडेजा ने कैच किया। बांग्लादेश का तीन विकेट 34वें ओवर में 156 के स्कोर पर गिरा, लेकिन नासिर हुसैन और शाकिब अल हसन ने इसके बाद तेजी से रन बनाए और टीम के स्कोर को 42वें ओवर तक 224 तक पहुंचा दिया। इसी स्कोर पर शाकिब अश्विन की गेंद पर स्टंप हो गए। शाकिब ने 31 गेंदों में पांच चौके और दो छक्के उडाते हुए 49 रन बनाए।
नासिर हुसैन ने 58 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 54 रन बनाए और वह टीम के 288 के स्कोर पर आउट हुए, लेकिन मुशफिकुर ने मात्र 25 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के जड़ते हुए अपनी टीम को आसानी से जीत की मंजिल पर पहुंचा दिया। भारत की ओर से प्रवीण ने दस ओवर में 56 रन देकर तीन विकेट लिए। इरफान पठान ने नौ ओवर में 61 रन और डिंडा ने 5.2 ओवर में 38 रन लुटाए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। रविचंद्रन अश्विन और जडेजा को एक-एक विकेट मिला।इससे पहले सचिन ने 147 गेंदों में 12 चौकों और एक छक्के की मदद से अपना 100वां अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाया। सचिन ने विराट के साथ दूसरे विकेट के लिए 148 रन और रैना के साथ तीसरे विकेट के लिए 86 रन जोड़े। विराट ने अपनी शानदार लय बरकरार रखते हुए 82 गेंदों की पारी में पांच चौके लगाए जबकि रैना ने 38 गेंदों की तेज तर्रार पारी में पांच चौके और दो छक्के लगाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 11 गेंदों में दो चौकों के सहारे 21 रन बनाकर नाबाद रहे। गौतम गंभीर 11 और रोहित शर्मा चार रन बनाकर आउट हुए।भारतीय पारी पूरी तरह सचिन के नाम रही जिन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ खेलते हुए एक वर्ष के इंतजार के बाद अपना महाशतक पूरा किया। सचिन ने अपने 50 रन 63 गेंदों में सात चौके और एक छक्के की मदद से पूरे किए, लेकिन अगले 50 रनों के लिए वह काफी धीमे रहे। सचिन ने अर्धशतक के बाद अगले 50 रनों के लिए 75 गेंदें खेली और सिर्फ तीन चौके लगाए।अनुभवी बल्लेबाज 90 रन पार करने के बाद तो काफी धीमे हो गए थे और उन्होंने एक-एक रन लेकर शतकीय मंजिल पूरी की। सचिन के 100 रन 138 गेंदों में दस चौकों और एक छक्के की मदद से पूरे हुए। सचिन के एकदिवसीय करियर का यह 49वां और बांग्लादेश के खिलाफ पहला शतक था।अनुभवी बल्लेबाज भारतीय पारी के 47वें ओवर में मशरफे मुर्तजा की गेंद पर विकेटकीपर मुशफ्किुर रहीम को कैंच थमा बैठे। उनके आउट होने के समय भारत का स्कोर 259 था। सचिन शतक के पास कुछ धीमे हो गए थे वरना भारत का स्कोर 300 पार कर सकता था।पिछले मैच में शानदार शतक बनाने वाले विराट ने इस बार भी उम्दा बल्लेबाजी की और अर्धशतक बनाया। सचिन के साथ 86 रन की साझेदारी के दौरान रैना काफी तेजी के साथ खेले और उन्होंने अपने तेज अर्धशतक से भारतीय रन गति को गिरने नहीं दिया। धोनी ने आकर तेजी दिखाई और भारत को 289 पर पहुंचाया।बांग्लादेश की ओर से मुर्तजा ने 44 रन पर दो विकेट, शफीउल इस्लाम ने 24 रन पर एक विकेट और अब्दुर रज्जाक ने 41 रन पर एक विकेट लिया।














वित्त वर्ष 2012-13 के आम बजट की मुख्य बातें


वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को आम बजट संसद में पेश किया
नई दिल्लीवित्त मंत्री ने आम बजट संसद  मई पेश किया  मुखर्जी ने व्यक्तिगत आयकर रियायत सीमा 1 लाख 80 हजार रुपये से बढाकर दो लाख रुपये करने की घोषणा की है। आयकर दर पर जो प्रस्ताव रखा गया है वह निम्न प्रकार लागू होगा: 

    दो लाख रुपये तक : शून्य
    दो से पांच लाख रुपये तक : 10 प्रतिशत
    पांच लाख से ज्यादा और दस लाख रुपये तक : 20 प्रतिशत
    दस लाख रुपये से अधिक : 30 प्रतिशत
    वित्त मंत्री ने कहा कि भारत आर्थिक विकास में दूसरे देशों से काफी आगे है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कुछ कठोर फैसले लेने की आवश्यकता है। मुखर्जी ने कहा कि तेल की कीमतों और जापान में भूकंप का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। दुनिया की आर्थिक स्थिति का असर भारत पर भी हुआ है।
    वित्त मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक के उद्देशय हासिल करने के लिए दिसंबर तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली आधार कार्ड के जरिए कर दी जाएगी। मुखर्जी ने कहा कि संसद के बजट सत्र में ही काले धन पर सरकार श्वेत पत्र लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास योजना के लिए 2012-13 में आवंटन बढाकर 15850 करोड रुपये किया गया है।
    प्रणब ने कहा कि यदि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है तो दुनिया की अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक वृद्धि 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन निराशाजनक है लेकिन आगे सुधार के संकेत दिखने लगे हैं।
    मुखर्जी ने कहा कि उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में मंहगाई की दर में गिरावट आएगी और फिर उसमें स्थिरता आएगी।
    बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसके पांच उद्देशय भी बताए। ये उद्देशय हैं: 
    1. घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार
    2. निवेश में सुधार
    3. विभिन्न क्षेत्रों में विकास की बाधाओं को दूर करना
    4. 200 जिलों में कुपोषण की समस्या को दूर करना
    5. सुशासन और काले धन के खिलाफ कदम

आम बजट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं. 
  • सब्सिडी घटाने पर सरकार का जोर
  • पेट्रोल पर सब्सिडी घटाने का संकेत
  • सीधे ग्राहक तक पहुंचनी चाहिए सब्सिडी
  • सब्सिडी को जीडीपी का 2 फीसदी रखा जाए
  • एफडीआई पर आम सहमति की कोशिश
  • जीएसटी अगस्त 2012 से लागू होगा
  • 30,000 करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य
  • राजीव गांधी इक्विटी योजना लागू होगी
  • डीटीसी पर टैक्स का बोझ कम होगा
  • रोजमर्रा के खर्च के लिए विदेश से कर्ज ले सकेंगी एयरलाइनें
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए वित्तीय होल्डिंग कंपनी बनाने का प्रस्ताव
  • बजट सत्र में राष्ट्रीय आवास बैंक विधेयक, सिडबी संशोधन विधेयक, नाबार्ड संशोधन विधेयक पेश होंगे
  • छोटे निवेशकों को शेयर निवेश पर आयकर में रियायत देने की नई योजना का प्रस्ताव
  • कृषि और सहकारिता क्षेत्र के बजट में 18 प्रतिशत की वृद्धि
  • विदेशी एयरलाइनों को 
  • अगले वित्त वर्ष के दौरान बुनियादी ढांचा क्षेत्र का वित्त पोषण बढ़ाकर 60 हजार करोड़ रुपये करने के लिए सरकार कर मुक्त बांड दोगुने करेगी।
  • दो नए मेगा हथकरघा क्लस्टर आंध्र प्रदेश और झारखंड में।
  • पूर्वी भारत में हरित क्रान्ति के कारण खरीफ सत्र में 70 लाख टन से अधिक धान की उपज।
  • कृषि और सहकारिता क्षेत्र के बजट में 18 फीसदी बढ़ोतरी।
  • विदेशी एयरलाइनों को भारत में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कार्य करने की अनुमति देने के बारे में सक्रियता से हो रहा है विचार। अगले पांच साल में भारत यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाएगा।
  • खेती के लिए कर्ज 5.75 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य, जो पिछली बार से एक लाख करोड़ रुपये अधिक।
  • किसानों को सात फीसदी ब्याज पर रियायती फसली ऋण योजना 2012-13 में भी जारी रहेगी।
  • राज्यों के साथ मिलकर खाद्य प्रसंस्करण पर राष्ट्रीय मिशन शुरू किया जाएगा।
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को देने के लिए नाबार्ड को सरकार मुहैया कराएगी 10 हजार करोड़ रुपये।
  • दिसंबर 2012 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली नेटवर्क होगा कंप्यूटरीकृत। मिड डे मील योजना के लिए 11,937 करोड़ रुपये। सबला योजना के लिए 7050 करोड़ रुपये खाद्य सुरक्षा विधेयक के उददेश्य हासिल करने के लिए।
  • दिसंबर तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली आधार कार्ड के जरिए।
  • समेकित बाल विकास योजना के लिए 2012-13 में आवंटन बढ़ाकर 15,850 करोड़ रुपये।
  • ग्रामीण पेयजल और स्वच्छता योजना के लिए आवंटन बढाकर 14000 करोड़ रुपये। 2011-12 में यह 11000 करोड़ रुपये था।
  • स्वयं सहायता महिला समूह के तीन लाख रूपए तक के बैंक कर्ज सात प्रतिशत ब्याज दर पर। समय पर कर्ज लौटाने वालों को चार प्रतिशत पर कर्ज मिलेगा।
  • राष्ट्रीय पिछड़ा क्षेत्र अनुदान योजना का परिव्यय 22 प्रतिशत बढ़ाकर 12040 करोड़ रुपये किया गया।
  • ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास के लिए खर्च होंगे 20 हजार करोड़ रुपये। इसमें से पांच हजार करोड़ रुपये भंडारण सुविधाओं के लिए होंगे।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए आवंटन 18115 करोड रूपए से बढाकर 20822 करोड रूपए किया गया।
  • संसद के बजट सत्र में ही काले धन पर श्वेत पत्र लाएगी सरकार।
  • 2012-13 में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम को 1000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 3,915 करोड़ रुपये। 2012-13 में रक्षा सेवाओं के लिए 1,93,407 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • 11वीं योजना के दौरान सकल योजनागत परिव्यय के 99 फीसदी का उपयोग।
  • अप्रैल 2012 से शुरू हो रहे वित्त वर्ष में 40 करोड लोगों को 'आधारÓ में शामिल किया जाएगा।
  • चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.9 फीसदी रहा।
  • 2012-13 में राजस्व घाटा 1,85,752 करोड रुपये।
  • व्यक्तिगत आयकर रियायत सीमा बढ़ाकर दो लाख रुपये।
  • 2011-12 में शुद्ध कर प्राप्तियां 7,71,071 करोड़ रुपये।
  • गैर योजनागत व्यय 2012-13 में 9,69,900 करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
  • प्रत्यक्ष कर वसूली चालू वित्त वर्ष में 32000 करोड़ रुपये कम रही।
  • अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.1 प्रतिशत तक लाने के लिए प्रतिबद्ध।
  • कंपनी कर में कोई बदलाव नहीं।
  • केंद्र का कुल कर्ज जीडीपी का 45 प्रतिशत।
  • प्रतिभूति क्रय विक्रय कर (एसटीटी)की दर घटाई गई।
  • विदेश में रखी संपत्ति और दो लाख रुपये से अधिक के सोने चांदी की खरीद की जानकारी आयकर विभाग को देना अनिवार्य।
  • प्रत्यक्ष कर में रियायतों से 4500 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान।
  • कुछ गिनी चुनी सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार की सेवाओं को सेवा कर के दायरे में लाने का प्रस्ताव।
  • सेवा कर की दर दस से बढाकर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
  • उत्पाद एवं सेवा कर के लिए साझा कर संहिता बनाने का विचार।
  • सेवा कर प्रस्तावों से 18660 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व वसूली का अनुमान।
  • रेल परियोजनाओं में काम आने वाली मशीनों के आयात पर शुल्क दस से घटाकर 7.5 प्रतिशत।

युवा का युवा सी एम अखिलेश यादव




लखनऊ :  यूपी की बागडोर एक युवा मुख्यमंत्री के हाथों में है| इस युवा नेता ने उत्तर प्रदेश में 16वीं विधानसभा के लिए हुए चुनावों में समाजवादी पार्टी को एक नई सोच के साथ जीत दिलाने में अहम योगदान दिया| समाजवादी पाटी के युवा नेता, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और अब यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव  पार्टी को सत्ता का दावेदार बना दिया|राज्यपाल बी. एल. जोशी ने महानगर स्थित ला मार्टीनियर कालेज मैदान में आयोजित भव्य समारोह में प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश और उनके मंत्रिमण्डलीय सहयोगियों को पद और गोपनीयता का शपथ  दिलाया. 

शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं।
पंजाब के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उद्योगपति अनिल अंबानी, सुब्रत रॉय सहारा और फिल्‍म अभिनेत्री जया बच्‍चन इस समारोह में शरीक हुईं।
 पार्टी (सपा) के युवा चेहरे अखिलेश यादव और उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली.                                        

इस बीच, कांग्रेस ने भी सपा से नजदीकियां बढ़ाने की तैयारी कर दी है। पार्टी ने सद्भावना के तौर पर मोतीलाल वोरा और संसदीय कार्य मंत्री पवन बंसल को अखिलेश के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्‍सा लेने के लिए भेजा, वहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सुलतान अहमद को बतौर प्रतिनिधि शपथ ग्रहण समारोह में भेजा है।  स्‍वामी प्रसाद मौर्य, एबी वर्धन, करात सहित कई अन्‍य नेता भी इस समारोह में शरीक हुए।
19 कैबिनेट मंत्री :
आजम खान, शिवपाल यादव, अहमद हसन, वकार अहमद, राजा महेन्द्र सिंह, आनंद सिंह, अंबिका चौधरी, राजा भैया, बलराम यादव, अवधेश प्रसाद, ओमप्रकाश सिंह, पारसनाथ यादव, रामगोविंद, दुर्गा यादव, बी एस त्रिपाठी, कामेश्वर उपाध्याय, राजाराम पाण्डे, राजकिशोर सिंह, शिवकुमार बेरिया।

अखिलेश ने बेरोजगारी भत्ते और टैबलेट पर लगायी मुहर

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेरोजगारी भत्ता और लैपटॉप देने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर अपनी मुहर लगा दी। 

गुरूवार शाम संवाददाता सम्मेलन में मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि गुरूवार को मंत्रिमंडल की पहली बैठक में छह खास फैसले किये गये। जिसमें कहा गया है कि 35 साल से ऊपर की उम्र के शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा।
    

यही नहीं घोषणा पत्र में यह भी कहा गया था कि मुस्लिम कन्या की पढ़ाई और शादी के लिए सरकार 30 हजार रूपए देगी जिसपर भी अखिलेश ने कल मुहर लगा दी है साथ ही राजधानी लखनऊ की सुरक्षा के लिए होने वाले इंतजाम भी किये जायेंगे। 
फिलहाल 9 लाख पंजीकृत बरोजगार हैं, जिसमें करीब 1100 करोड़ रूपए हर वर्ष बेरोजगारी भत्ते में खर्च होने का अनुमान है। यही नहीं मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया है कि इंटर पास छात्रों को लैपटॉप और हाईस्कूल पास छात्रों को टैबलेट दिया जायेगा। जिसमें प्रतिवर्ष करीब 3,000 करोड़ रूपए के खर्च का अनुमान है।

यही नहीं घोषणा पत्र में यह भी कहा गया था कि मुस्लिम कन्या की पढ़ाई और शादी के लिए सरकार 30 हजार रूपए देगी जिसपर भी अखिलेश ने कल मुहर लगा दी है साथ ही राजधानी लखनऊ की सुरक्षा के लिए होने वाले इंतजाम भी किये जायेंगे। खैर अखिलेश यादव ने जोरदार फैसले करके सुंदर आगाज किया है देखना दिलचस्प होगा कि सरकार ये कब 
बेरोजगारी भत्ता और लैपटॉप देगा ?

Wednesday, March 14, 2012

रेल बजट मे क्या है 2012 -13



नई दिल्ली :बुधवार को लोक सभा मे ने 2012 -13  का रेल बजट पेश किया
इस रेल बजट मे क्या था वः इस प्रकार है / 


  • सभी श्रेणियों में यात्री किराये में दो पैसे से लेकर 30 पैसे प्रति किलीमीटर तक की वृद्धि।
  • रेलवे दर सूची नियामक प्राधिकरण के गठन पर विचार,
  • 39 गाड़ियों का विस्तार और 23 गाड़ियों के फेरे बढ़ेंगे।रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी
  • 75 नई एक्सप्रेस गाड़ियां शुरु की जाएंगी।
  • मुंबई उपनगर में 75 अतिरिक्त गांडियां, चेन्नई क्षेत्र में 18 और कोलकाता क्षेत्र में 44 नई उपनगरीय गाड़ियां चलाई जाएंगी।
  • कोलकाता मेट्रो में 2012-13 के दौरान 50 नई गाड़ियां चलाई जाएंगी।
  • अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को राजधानी और शताब्दी गाड़ियों में भी यात्रा की सुविधा।
  • इज्जत योजना’ के तहत यात्रा दूरी 100 से बढ़ाकर 150 किलोमीटर की गई।
  • रेलवे में खेलों के लिए एक कार्ययोजना विकसित होगी।
  • रेलवे से हर साल 10 खिलाड़ियों को ‘रेल खेल रत्न’ पुरस्कार दिया जाएगा।
  • रेलवे में 2012-13 के दौरान 1,00,000 नई नियुक्तियां होंगी। चालू वित्त वर्ष के दौरान 80,000 लोगों को नौकरी दी गई।
  • रेलवे में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के खाली पदों को भरा जाएगा।
  • पहचान किए गए सभी 202 स्टेशनों पर एकीकृत सुरक्षा प्रणाली की स्थापना 2012-13 में पूरी होगी।
  • सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस अब 3500 ट्रेनों को मार्गसुरक्षा देगी।
  • रेलवे सुरक्षा बल की हेल्पलाइन को अखिल भारतीय यात्री हेल्पलाइन के साथ जोड़ा जाएगा।
  • रेलवे को 10 सालों में आधुनिकीकरण के लिए 14 लाख करोड़ रुपये की जरूरत.
  • संचालन अनुपात को 90 फीसदी से घटाकर 2012-13 में 84.9 फीसदी करने तथा 2016-17 तक 72 फीसदी पर लाने का लक्ष्य.
  • रक्षा नीति और विदेश नीति की तरह राष्ट्रीय रेल नीति बनाने का समय आ चुका है.
  • उच्च सकल घरेलू विकास दर बनाए रखने के लिए रेलवे को 10 फीसदी की वार्षिक दर से विकास करना चाहिए.
  • रेलवे 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में 7.35 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी. पिछली योजना अवधि में रेलवे ने 1.92 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था.
  • 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में ढांचागत संरचना पर होने वाले अनुमानित 20 लाख करोड़ रुपये के खर्च का 10 फीसदी हिस्सा रेलवे को हासिल करना चाहिए.
  • रेलवे को 12वीं योजना अवधि में 2.5 लाख करोड़ रुपये के कुल बजटीय सहायता की उम्मीद.
  • आधुनिकीकरण के लिए धन जुटाने सम्बंधी तंत्र बनाने की सामूहिक चुनौती.
  • रेलवे को सकल घरेलू उत्पादन में दो फीसदी योगदान करना चाहिए, जो अभी एक फीसदी है.
  • सुरक्षा पर ध्यान. विश्व की सबसे सुरक्षित नेटवर्को में शामिल करने का लक्ष्य.
  • दुर्घटना को 0.55 से घटाकर 0.17 पर लाने का लक्ष्य हासिल.
  • सुरक्षा मानकों के लिए एक विशेष संगठन की स्थापना.
  • स्वायत्त रेलवे सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना.
  • आधुनिकीकरण के लिए 5.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत.
  • 2,500 रेलडिब्बों में हरित शौचालय लगाए जाएंगे।
  • उत्तरी बंगाल के घने जंगलों से होकर गुजरने वाली ‘हरित रेल’ चलाई जाएगी
  • रायपुर और टोंडियारपुर में दो जैव डीजल संयंत्र को चालू कियाजाएगा।
  • पल्लकड़ में केरल सरकार के सहयोग से रेलकोच फैक्टरी स्थापित होगी। गुजरात के कच्छ और कर्नाटक में कोलर क्षेत्र में राज्य सरकार की सक्रिय भागीदारी से कोच निर्माण की दो अतिरिक्त इकाईयां स्थापित होंगी।
  • ओड़िशा के गंजम जिले के सीतापली में माल डिब्बा कारखाना स्थापित होगा।
  • अगरतला से पड़ोसी देश बांग्लादेश के अखौरा से जोड़ने वाली परियोजना अगले वित्त वर्ष में शुरु की जाएगी।
  • नेपाल के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए जोगबनी-विराटनगर और जयनगर-बिजलपुरा-बरडीबस नई लाइन निर्माण का कार्य प्रगति पर।
  • सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिये स्टेशनों का पुनर्विकास करने के लिये ‘भारतीय रेलवे विकास निगम’ की स्थापना करना।



















Tuesday, March 13, 2012

संसद का बजट सत्र की आज से शुरुआता




नई दिल्ली
: राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के अभिभाषण से संसद का बजट सत्र शुरू हो गया है 
संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के लिए यह आसान नहीं होगा। उसके समक्ष कई चुनौतियां होंगी। विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हमले से बचाव के अतिरिक्त उसे राज्यों के अधिकारों के हनन तथा महंगाई जैसे मुद्दों पर सहयोगी दलों की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती है।
संसद के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। बजट सत्र दो चरणों में हो रहा है। पहले चरण के तहत 12 मार्च से 30 मार्च के बीच संसद की कार्यवाही चलेगी, जबकि दूसरे चरण में इसकी कार्यवाही 24 अप्रैल से 22 मई तक चलेगी। रेल बजट 14 मार्च को पेश होगा, जबकि 15 मार्च को आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट और 16 मार्च को आम बजट पेश होगा।
बजट सत्र के प्रथम चरण की छोटी अवधि को लेकर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज पहले ही सदन की अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अपनी शिकायत दर्ज करा चुकी हैं। उनका कहना है कि चर्चा के लिए बहुत कम वक्त है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने हालांकि आवश्वस्त किया है कि विपक्ष चाहे जिस भी मुद्दे पर चर्चा कराना चाहे, सरकार चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन सरकार की राह आसान नहीं हैं।
उसके समक्ष गठबंधन के सहयोगियों को एकजुट रखने की चुनौती भी होगी, खासकर ऐसे में जबकि केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की एक अहम भागीदार तृणमूल कांग्रेस के तेवर लगातार बगावती बने हुए हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता वाली तृणमूल पहले भी भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकपाल विधेयक, खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को मंजूरी, महंगाई और राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) के गठन के प्रस्ताव पर विरोध जता चुकी है। पार्टी ने संसद के मौजूदा सत्र में भी वित्तीय मुद्दों पर अपनी रणनीति को लेकर बैठक की है।
इधर, कांग्रेसी व गैर-भाजपाई तीसरे मोर्चे के गठन की अटकलें भी लगाई जाने लगी है। पंजाब में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे प्रकाश सिंह बादल द्वारा 14 मार्च को और समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा 15 मार्च को अखिलेश यादव के शपथ-ग्रहण में ममता को आमंत्रित किए जाने से इस सम्बंध में अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है।
ममता ने हालांकि शपथ ग्रहण समारोहों में शिरकत करने से इंकार कर दिया है लेकिन उनके तेवरों को देखकर संकेत केंद्र सरकार के पक्ष में नहीं नजर आ रहे, जबकि विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद तृणमूल पर उसकी निर्भरता बढ़ गई है।
सत्र के दौरान विपक्षी दल भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। विपक्षी दल कालेधन व महंगाई के मुद्दे को प्रमुखता से उठा सकते हैं।
केंद्र सरकार को यादवों की तिकड़ी से भी निपटना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश चुनाव में सपा की शानदार जीत के साथ मुलायम सिंह यादव अधिक ताकतवर बनकर उभरे हैं। साथ ही उन्होंने केंद्रीय राजनीति में सक्रिय होने के संकेत भी दे दिए हैं। सरकार को घेरने में उन्हें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव का भी साथ मिल सकता है।
ज्ञात हो कि यादव तिकड़ी 15वीं लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर एकजुट रही है और सरकार के खिलाफ एक दबाव समूह के रूप में काम कर रही है।

Tuesday, March 6, 2012

प्यार को बदनाम मत करना ,,,,,,,,,,,,,


आज कल के लडके लडकिया प्यार एक खेल समझे है ,,,,,लेकिन शायद प्यार का असली मतलव नही समझे है ,,,की प्यार होता क्या है ....और प्यार का दर्द क्या होता है ,,,क्योकि शायद आज कल के लड़के लडकिया समयं पास करने के लिए झूठा प्यार करते है ,लेकिन प्यार का दर्द बहुत होता है ,,,,लेकिन शायद जब प्यार दिल से हो जाता है ...वह प्यार दर्द कभी कम नही होता है ,,,,,
लेकिन वही लड़के लडकिया प्यार बदनाम करना शुरू कर देते है...
क्यों की उन को प्यार मालूम ही नही है  की प्यार क्या होता है क्या ,,,,,बस वह प्यार घुमाना औए मस्ती करना ही प्यार कहलाता है ,
लेकिन जब किसी को प्यार हो जाता है ,,,और प्यार नही मिलता है ,तो उसे बदनाम करना शुरू कर देते है ....
अत  आप सभी से अनुरोध है ,,,,, प्यार को बदनाम न करे ..... प्यार प्यार प्यार ..

Monday, March 5, 2012

टिप्स को देखो और पढो और सीखो और लोगो को शेयर करो ......












ये सभी डाउनलोड किये टिप्स है  
आप सभी लोगो से अनुरोध है ,,,,,,,,,,,,की आप ज्यादा से लोगो को शेयर करे ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,